बिलासपुर, 02 अक्टूबर 2026 राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अवसर पर केंद्रीय जेल बिलासपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बिलासपुर के सहयोग से विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्री शिराजुद्दीन कुरैशी, बिलासपुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री असलम खान, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री अनिल चौहान, जेल अधीक्षक श्री खोमेश मण्डावी सहित अन्य न्यायिक अधिकारीगण जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के लीगल एड डिफेंस काउंसिल अधिवक्तागण एवं स्टाफ तथा जेल स्टाफ उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की शुरूआत “वैष्णव जन तो तेने कहिए” भजन की धुन के साथ दीप प्रज्वलन एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री के चित्र में माल्यार्पण कर किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय जेल के बंदियों द्वारा “ऐ मालिक तेरे बंदे हम” तथा रघुपति राघव राजाराम भजन की प्रस्तुति दी गई। बंदियों की प्रस्तुति को मुख्य अतिथि द्वारा भावपूर्ण एवं प्रभावशाली बताते हुए उनकी सराहना की गई।
मुख्य अतिथि ने बंदियों को संबोधित करते हुए कहा कि जेल में जीवन कठिन परिस्थितियों से भरा हो सकता है, लेकिन जेल में बिताए जाने वाले समय का उपयोग निराशा में करने के बजाय स्वयं में सकारात्मक परिवर्तन लाने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने बंदियों को जेल में उपलब्ध अवसरों का सदुपयोग करते हुए नई चीजें सीखने, अपने व्यक्तित्व में सुधार करने तथा अनुशासन एवं अच्छे आचरण के साथ समय व्यतीत करने के लिए प्रेरित किया। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन, उनके विचारों एवं आदर्शों का स्मरण किया गया। सत्य, अहिंसा, प्रेम, मानवता, स्वच्छता, सद्भाव, नशामुक्ति एवं सेवा जैसे गांधी जी के मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए उनके संदेशों को वर्तमान जीवन में अपनाने की आवश्यकता बताई गई।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी का जीवन इस बात की प्रेरणा देता है कि सत्य, अहिंसा और सकारात्मक विचारों के माध्यम से व्यक्ति अपने जीवन में परिवर्तन ला सकता है। बंदियों को भी अपने वर्तमान समय का सदुपयोग करते हुए भविष्य को बेहतर बनाने तथा समाज की मुख्यधारा में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रयासरत रहना चाहिए। कार्यक्रम में उपस्थित बंदियों को गांधी जी के विचारों एवं आदर्शों को अपने आचरण में उतारने, आपसी सद्भाव बनाए रखने तथा सकारात्मक सोच के साथ जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि द्वारा केन्द्रीय जेल बिलासपुर में निरूद्ध रहकर कक्षा 10वीं, 12वीं तथा स्नातक परीक्षाओं में उत्तीर्ण बंदियों एवं कौशल विकास प्राप्त कर रहे बंदियों को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।
कार्यक्रम के समापन अवसर पर जेल अधीक्षक द्वारा बंदियों को महात्मा गांधी के आदर्शों पर चलने की शपथ दिलाई गई तथा केन्द्रीय जेल बिलासपुर में निरूद्ध दण्डित बंदियों को नियमानुसार 10-10 दिवस के अतिरिक्त परिहार (रेमिशन) का लाभ दिए जाने की घोषणा जेल अधीक्षक द्वारा की गई।